- लेखक: jin
- 2011-02-12
- 4731 शब्द
जब बस एक पहाड़ी दर्रे से गुज़री और दाईं तरफ़ एक अनजान क़स्बा दिखा, तो अचानक एहसास हुआ कि मैंने फिर से गाँव छोड़ दिया है। मन उदास हो गया।
ये कुछ दिन बहुत अच्छे बीते — शोर-...
- लेखक: jin
- 2011-01-21
- 1794 शब्द
2007 में मेरा पहला QQ बना, लेकिन मैं QQ स्पेस पर नहीं लिखता था — बाइडू स्पेस (百度空间) पर लिखता था। बाइडू स्पेस मेरा पहला ब्लॉग था। तब वो काफ़ी साफ़-सुथरा था — हर बार लॉगिन ...
- लेखक: jin
- 2011-01-13
- 5487 शब्द
यह किताब मैंने ट्रेन में पढ़कर ख़त्म की। मैं इसे "द मून एंड सिक्सपेंस" कहना पसंद करता हूँ। पिछले लेख में बताया था कि मैं अकेला जा रहा था। दौबन (Douban) पर मेरी दोस्त इ यी...
- लेखक: jin
- 2011-01-02
- 1947 शब्द
एक ज़माने में जब सपने देखना सबसे ज़्यादा होता था, तो पूरी रात एक बड़ी फ़िल्म चलती रहती थी — लगातार बैकड्रॉप बदलते, किरदार बदलते, और सुबह उठते ही सिर भारी-भारी। बाद में हा...
- लेखक: jin
- 2011-01-01
- 1711 शब्द
सुबह काउंसलर के लिए कंप्यूटर ख़रीदने गया, ज़्यादा मदद नहीं कर पाया। दोपहर को जब सब हो गया, तो उन्होंने कहा "चलो साथ में खाना खाते हैं।" मुझे तो शर्म आ गई — "बिना काम किए ...
- लेखक: jin
- 2010-12-29
- 3003 शब्द
अभी थोड़ी देर में ली हाइपेंग की "भगवान फ़र्स्ट क्लास में हैं" पूरी पढ़ ली। यह किताब कुछ वक़्त पहले ख़रीदी थी, लेकिन एग्ज़ाम की भागदौड़ में कभी पढ़ नहीं पाया। आज सारे एग्ज...
- लेखक: jin
- 2010-12-25
- 5058 शब्द
क्रिसमस आ गया, लेकिन मुझसे कोई मतलब नहीं। आसपास का क्रिसमस का माहौल बस दुकानदारों ने पैकेजिंग से बनाया है। अगर आधी रात के भूतों से भी पैसे कमाए जा सकते तो वो उसे भी सजा द...
- लेखक: jin
- 2010-10-27
- 1457 शब्द
यह कब की बात है, अब ठीक से याद नहीं।
उस रात मैं फ़ोन पर "डी बॉडी गार्ड्स" (天龙八部) पढ़ रहा था। हाईस्कूल से ही तय कर लिया था कि यह नॉवेल पढ़ूँगा, लेकिन कभी पढ़ नहीं पाया। टी...